पार्टी वर्कर्स को तेजस्वी ने दिया ये मंत्र, भ्रष्ट आचरण वालों पर आयोग सख्त, जारी की गाइडलाइन
पटना
बिहार में पंचायत चुनाव की तारीखों का बेशक एलान नहीं हुआ है लेकिन सभी पार्टियों ने इसके लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी है। राज्य के पंचायत चुनाव बेशक पार्टी लाइन पर आधारित नहीं होते हैं इसके बावजूद पार्टियां जमीनी स्तर पर अपना दबदबा बनाने की कोशिश में जुट चुकी हैं। भाजपा ने जहां पंचायत से संसद तक वाले मॉडल के जरिए प्रमुख पदों के उम्मीदवारों का समर्थन करने की रणनीति बनाई है। वहीं राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को जीत के लिए मंत्र दिया है। इसके अलावा चुनाव आयोग ने भ्रष्ट आचरण वालों के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है।
तेजस्वी ने बनाई रणनीति
पंचायत चुनाव के जरिए अपनी राजनीतिक पैठ मजबूत करने के लिए तेजस्वी यादव ने कार्यकर्ताओं के साथ रणनीति बनाई है जिसपर काम होना शुरू हो गया है। राजद सूत्रों की मानें तो पार्टी जल्द ही इस बारे में औपचारिक तौर पर निर्देश भी जारी करने वाली है कि राज्य में होने वाले पंचायत चुनाव के लिए प्रत्याशी बनते समय पार्टी के कैडर आपस में न भिड़ें। पार्टी की पंचायती राज संस्थाओं पर मजबूत पकड़ सुनिश्चित करने के लिए राजद जिसका समर्थन करे उसका साथ संबंधित पंचायत या वार्ड नेता या कार्यकर्ता को देने का निर्देश दिया गया है। पार्टी अपनी बूथ कमेटियों का पुनर्गठित करने वाला है। माना जा रहा है कि इस बार पार्टी का मुकाबला भाजपा की विचारधारा मानने वाले लोगों से होगा।
भ्रष्ट आचरण के दोषी नहीं लड़ सकेंगे चुनाव
भ्रष्ट आचरण के दोषियों पर चुनाव आयोग सख्त हो गया है। आयोग ने फैसला लिया है कि न्यायालय द्वारा दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। इससे संबंधित दिशा निर्देश आयोग के सचिव योगेंद्र राम ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी को पत्र के जरिए भेजी हैं। आयोग के दिशा निर्देश के अनुसार, जो व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं है या 21 वर्ष से कम उम्र का है वो पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकता। इसके अलावा सेवारत सरकारी कर्मचारी, प्राधिकार से सहायता प्राप्त किसी संस्था के कर्मी व कदाचार के लिए पदच्युत होने वाले भी चुनाव नहीं लड़ सकते। वहीं भारत के अंदर या बाहर किसी दंड न्यायालय द्वारा राजनीतिक अपराध से भिन्न किसी अपराध के लिए छह महीने से अधिक अवधि के लिए कारावास का दंड पा चुके व्यक्ति भी चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
प्रमुख पदों के उम्मीदवारों का समर्थन करेगी भाजपा
भाजपा ने गुजरात के बाद बिहार में अपना परचम लहराने के लिए खास रणनीति बनाई है। इसके तहत भाजपा आगामी पंचायत चुनावों में प्रमुख पदों के उम्मीदवारों का समर्थन करेगी। पार्टी ने पहले ही उम्मीदवारों के नामों को शॉर्टलिस्ट करने के लिए जिला-स्तरीय कोर समितियों का गठन किया है। इस कोर समिति में जिला अध्यक्ष, स्थानीय विधायक, एमएलसी, पूर्व सांसद, पूर्व एमएलसी, पूर्व अध्यक्ष और महासचिव शामिल होंगे जो प्रतियोगियों के नामों को सूचीबद्ध करेंगे और इसे पार्टी के राज्य नेतृत्व के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। राज्य नेतृत्व अंतिम सूची जारी करेगा। इसके बाद, जमीनी कार्यकर्ताओं को जीत सुनिश्चित करने के लिए चयनित उम्मीदवारों को अपना समर्थन देने के लिए कहा जाएगा।

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